क्यों असरदार होते हैं बीज मंत्र?
क्यों असरदार होते हैं बीज मंत्र?
व्यावहारिक जीवन में किसी समस्या के समाधान के लिए जब धार्मिक उपायों को अपनाया
जाता है, तो उनमें मंत्र शक्ति को बहुत प्रभावी माना जाता है। मंत्र जप में भी बीज
मंत्रों द्वारा देव उपासना वांछित सिद्धि या फल प्राप्त करने के लिए बहुत असरदार मानी
जाती है। खासतौर पर तंत्र विज्ञान में बीज मंत्रों की बहुत अहमियत है।
यहां जानते हैं क्या होते हैं बीज मंत्र और उनके प्रभावी होने के कारण। असल में बीज मंत्र
देव शक्तियों के प्रतीक है। बीज मंत्र के अक्षर उनमें छुपी शक्तियों और देवी-देवताओं के दिव्य
रूप के संकेत होते हैं। जिनका गहरा अर्थ होता है। अलग-अलग बीज मंत्र सामूहिक रूप से
देवीय ऊर्जा पैदा करते हैं। यही कारण है कि जब किसी देवी-देवताओं के मंत्र विशेष के साथ
बीज मंत्र बोले जाते हैं तो उस मंत्र का प्रभाव बढ़ जाता है।
धार्मिक दृष्टि से बीज मंत्रों की ताकत इतनी अधिक होती है कि वह देव शक्तियों को भी
वश में कर लेती है और मंत्र जप, यज्ञ के माध्यम से दिखाई देने वाले सकारात्मक परिणामा
ईश्वरीय कृपा की अनुभूति करा देते हैं।
यही कारण है कि हिन्दू धर्म में गायत्री एवं महामृत्युंजय मंत्र का बीज मंत्रों के साथ जप
का बहुत महत्व बताया गया है।
सरल भाषा मे जाने तो जैसे हम किसी जगह, व्यक्ति या पदार्थ की पहचान के लिए चिन्हों
का उपयोग करते हैं। वैसे ही विशेष देवी-देवता के आवाहन के बीज अक्षरों या मंत्रों का
उच्चारण बताया गया है। यह बीज कहलाते हैं। धार्मिक कर्मों में उपयोग किए जाने वाले कुछ
विशेष बीज मंत्र इस तरह है -
क्लीं- कृष्ण का बीज।
श्रीं- लक्ष्मी का बीज
ह्रीं- माया का बीज
क्रीं- काली का बीज
ऐं- सरस्वती का बीज
ऊँ - परब्रह्म परमेश्वर की शक्ति का प्रतीक है।
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